
किसी ने बड़ी सच्ची बात कही है कि पिता कभी नहीं कहते कि उनके पास पैसा नहीं है, और मां कभी नहीं कहती कि उनकी तबीयत खराब है। बस इन्हीं दो झूठ की वजह से दुनिया सुंदर बनी हुई है। आज मैं आपको एक ऐसी कहानी सुनाने जा रहा हूं, जो हमें यह समझाती है कि कभी-कभी जो हम चाहते हैं, वह हमें मिलता जरूर है, लेकिन उसकी पैकिंग हमारी सोच से अलग होती है।
एक बेटे की चाहत और पिता का गिफ्ट
एक बिजनेसमैन थे, जिनके पास बहुत सारा पैसा था। उन्होंने अपने बेटे को अकेले ही पाल-पोसकर बड़ा किया, क्योंकि उनकी पत्नी का देहांत हो चुका था। बेटा पढ़ाई में बहुत होशियार था। एक दिन वह घर आया और बोला, “पापा, अगर मैंने कॉलेज में टॉप किया, तो आप मुझे क्या दिलाएंगे?” पिता ने पूछा, “बताओ, तुम्हें क्या चाहिए?” बेटे ने जवाब दिया, “पापा, शहर में एक नई लग्जरी कार आई है, मुझे वही चाहिए।” पिता ने कहा, “ठीक है, अगर तुमने टॉप किया, तो कार तुम्हारी।”
बेटे ने जी-तोड़ मेहनत की और सच में टॉप कर दिया। जब रिजल्ट आया, तो उसने पिता को फोन किया और कहा, “पापा, मैंने टॉप कर दिया है। अब घर के आंगन में वह कार खड़ी हो जाएगी, है ना?” पिता ने खुश होकर हां कह दिया। बेटा दोस्तों के साथ पार्टी करके घर लौटा, लेकिन घर पहुंचकर वह निराश हो गया। आंगन में कार नहीं थी।
वह उदास होकर पिता के कमरे में गया। पिता ने उसे एक गिफ्ट दिया, लेकिन वह कार नहीं थी। बेटे को लगा कि पिता ने उसकी बात नहीं मानी। उसने गुस्से में घर छोड़ दिया और दूसरे शहर में जाकर नौकरी करने लगा। धीरे-धीरे उसने अपना बिजनेस शुरू किया और कामयाब हो गया। आखिरकार, उसने वह कार खरीद ली, जो वह चाहता था।
पिता की चिट्ठी और एक सबक
जब बेटा कार लेकर घर लौटा, तो उसे पता चला कि उसके पिता का निधन हो चुका है। वह पिता के कमरे में गया, जहां उनकी तस्वीर टंगी हुई थी। वहां रखी रामायण में एक चिट्ठी मिली, जिस पर लिखा था, “मेरे बेटे, तुमने कमाल कर दिया। मैं तुम्हें तुम्हारा गिफ्ट देना चाहता था, इसलिए रामायण के साथ कार की चाबी भी रखी है।”
बेटे को एहसास हुआ कि पिता ने उसकी इच्छा पूरी कर दी थी, लेकिन वह उसे समझ नहीं पाया। उसने पिता को गलत समझ लिया और उनसे दूर हो गया।
जीवन का सबक
यह कहानी सिर्फ एक बेटे और पिता की नहीं है, बल्कि हम सबकी है। ईश्वर हमें वह देता है जो हम चाहते हैं, लेकिन उसकी पैकिंग हमारी सोच से अलग होती है। हम अक्सर उनके प्लान को नहीं समझ पाते और नाराज हो जाते हैं। लेकिन, ऊपर वाले का प्लान हमारे प्लान से लाख गुना बेहतर होता है।
हमें यह समझना चाहिए कि जो कुछ भी हमें मिलता है, वह सर्वश्रेष्ठ होता है। कभी-कभी हमें धैर्य रखना चाहिए और उस पैकिंग को खोलने का इंतजार करना चाहिए, जिसमें हमारी मनचाही चीज छुपी होती है।
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यह कहानी हमें यही सिखाती है कि ईश्वर के हर गिफ्ट में एक गहरा अर्थ छुपा होता है। बस हमें उसे समझने की जरूरत है।
Frequently Asked Questions :
1. कहानी में बेटे ने पिता से क्या मांगा?
Answer: बेटे ने पिता से एक लग्जरी कार मांगी, अगर वह कॉलेज में टॉप करता।
2. पिता ने बेटे को क्या गिफ्ट दिया?
Answer: पिता ने बेटे को रामायण और कार की चाबी दी, लेकिन बेटे ने उसे तुरंत नहीं समझा।
3. बेटे को पिता की चिट्ठी कहाँ मिली?
Answer: बेटे को पिता की चिट्ठी रामायण के पहले पन्ने पर रखी मिली।
4. कहानी का मुख्य सबक क्या है?
Answer: कहानी हमें सिखाती है कि ईश्वर हमें वह देता है जो हम चाहते हैं, लेकिन उसकी पैकिंग अलग होती है।
5. बेटे को अपनी गलती का एहसास कब हुआ?
Answer: बेटे को अपनी गलती का एहसास तब हुआ जब उसे पिता की चिट्ठी और कार की चाबी मिली, लेकिन तब तक पिता इस दुनिया में नहीं थे।